अभूतपूर्व इच्छाशक्ति और बेहतरीन कृषि प्रबंधन की मिसाल है कर्नाटक की बगदल तहसील का कादरी एग्रो फार्म पशुपालन, बागवानी, वर्मी कम्पोस्ट और कम वर्षा में भी अधिक उत्पादन, जी हाँ यदि कम संसाधनों का भी उचित प्रबंधन किया जाए तो कम वर्षा वाले क्षेत्र में भी 90 टन प्रति एकड़ गन्ने की फसल ली जा सकती है | 2014 में जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद इदरिस अहमद कादरी कर्नाटक राज्य के बिदर जिले की बगदल तहसील के रहने वाले हैं और खेती किसानी के अलावा अच्छी किस्म के पशु जिसमें गाय,भैंस,बकरी यहाँ तक की घोड़े पालने के शौक़ीन कादरी साहब अपने एक खास चार कान वाले भैंसे के सीमन से ही साल के लाखों कमा लेते हैं | पशु मल (एनिमल वेस्ट) प्रबंधन ऐसा की सारे के सारे वेस्ट का खाद बनाकर अपनी फसलों में छिडकाव कर देते हैं साथ ही इसको बेच कर अतरिक्त आय भी प्राप्त करते हैं | बिजली की व्यावस्था के लिए सोलर एनर्जी का प्रयोग और ना जाने कितने नए प्रयोग किये गए है कादरी एग्रो फार्म पर, आइये इस वीडियो के माध्यम से जानते हैं उनकी पूरी कहानी…
Published by Sunil Khairnar
I have been working in the agribusiness, commodities and development sector in India for more than 27 years. I have a B. Tech in Agriculture Engineering and a Management Post Graduation from IIM Ahmedabad.
View all posts by Sunil Khairnar →You might also like
AgriTalk with Sunil Khairnar, Director, Indigram Labs
March 31, 2021
Bioeconomy in Focus: Prasad Bhai’s Expertise and Dedication
January 25, 2024
किसान उत्पादक कम्पनी पंजीकरण की प्रक्रिया
August 20, 2020
